ज्ञान-गंगा (7)
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यह जीवन हमें एक ही बार प्राप्त होता है कोई इसे रो-रो कर खोता है तो कोई सो-सो कर खोता है, जो भी हो हर अनुभव कुछ ज्ञान दे कर जाता है, तो इस बहती ज्ञान-गंगा मे आप चाहें तो डुबकी लगाए या चाहे तो कुछेक बालटी अपना ज्ञान उड़ेल जाए... |
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ज्ञानगुरु उवाच!! (8)
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ज्ञानगुरु अपने अंदर भरे हुए ज्ञान को सम्पूर्ण विश्व में बाँटना चाहते है, जैसे आजकल बड़े-बड़े "संत-माहापुरुष" जगह-जगह शिविर लगा कर, सत्संग कर लाभार्जन कर रहें है कुछ उसी तर्ज पर ज्ञानगुरु भी इस ज्ञान के सागर के कुछ घट संसार के पनघट पर रखना चाहतें है... वो भी फ्री... |
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ज्ञान के फंडे (5)
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हमारा देश नाना प्रकार के ज्ञान व ज्ञानियों से अटा पड़ा है, कोस-कोस पर बदले पानी, ढाई कोस पर बदले वाणी वाले इस देश मे जगह-जगह ज्ञानगंगा बहती है, इस ज्ञान के सागर के कुछ लोटे इन कहानियों मे उड़ेलने का दु:साहस किया गया है... |
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ज्ञानकारी (2)
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जैसे जानकारी होती है वैसी ही ज्ञानकारी भी होती है फर्क महज इतना है कि जानकारी कभी काम की होती है तो कभी बेमतलब होती है, मगर ज्ञानकारी हमेशा काम की होती है, कैसे जानने के लिए थोडा ज्ञान लेना पडेगा... |
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